बीते कुछ दिनों में चंबा ज़िले को भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ का सामना करना पड़ा, जिससे जन-जीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, हाल में आयोजित मिन्जर मेला ने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी उजागर किया।


आपदा: बारिश, भूस्खलन और बाढ़

  • भारी बारिश और सतत भूस्खलन से चंबा जिला पिछले हफ्तों में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मणिमहेश यात्रा के दौरान भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण 11 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, 9 लापता हैं और 3000 से अधिक लोग फंसे हुए हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त होने के कारण टेलीफोन और इंटरनेट लाइनें भी बाधित हैं।
  • रवि नदी के उफान में सलून गांव पूरी तरह डूब गया। गांववासियों ने समय रहते सुरक्षित जगह पर शरण ली, जिससे कोई जानहानि नहीं हुई। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है और हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं।
  • संचार व आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था, अब अधिकांश क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क बहाल किया गया है, पर भरमौर में अभी दिक्कत बनी हुई है। प्रशासन सड़कें खोलने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है और जरूरत पड़ने पर लोगों को एयरलिफ्ट भी किया जा सकता है।

बारिश और रवि नदी के उफान से बर्बाद होता गांव, छतों तक पानी भरा, घर गिरते हुए।

सांस्कृतिक गतिविधि: मिन्जर मेला 2025

  • मिन्जर मेला 27 जुलाई से 3 अगस्त तक चंबा के चौगान मैदान में आयोजित हुआ। इस मेले में पारंपरिक ध्वजा-रोहण, लोकनृत्य, संगीत, हस्तशिल्प, भोज्य पदार्थों की दुकानें और नदी पर सामूहिक पूजा जैसी गतिविधियाँ हुई।
  • मैनिंदर बुट्टर समेत कई कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ भी मेले का आकर्षण रही। यह मेला राजसाही विजय एवं अच्छे किसान उत्पादन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है
minjr mela

रांगीन पोशाकों में लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन, चौगान मैदान में हजारों की भीड़।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया व राजनीति

  • विपक्ष ने सरकार पर आपदा प्रबंधन में विफलता का आरोप लगाया है; कहा कि चंबा चार दिनों तक पूरे देश से कट गया था, सड़कों, घरों, पशुधन, और संचार में भारी नुकसान हुआ

प्रशासन द्वारा राहत कार्य

  • हेल्प डेस्क बनाई गई है, जहां सुरक्षित श्रद्धालुओं की सूची साझा की जा रही है।
  • स्थानीय लोग भी राहगीरों और श्रद्धालुओं को भोजन-पानी व शरण देकर मदद कर रहे हैं।
  • प्रशासन व पुलिस टीमें लगातार फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रही हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

  • हिमाचल प्रदेश में 29 अगस्त से 2 सितंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें